नामांकन / वारिस नामनिर्देशन / वारस • Nomination / heirs
7 संबंधित उपविधियाँ। सारांश पढ़ने के लिए हर एक पर टैप करें।
उपविधि क्र. 31: नामांकन (Nomination)
सदस्य या सहयोगी सदस्य निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट 14) में एक या अधिक व्यक्तियों को नामांकित कर सकता है, जिन्हें मृत्यु के बाद शेयर व हित हस्तांतरित होंगे। सचिव की पावती ही स्वीकृति है। पहला नामांकन निःशुल्क; बाद में हर बदलाव/रद्दीकरण पर 100 रुपये।
उपविधि क्र. 32: नामांकन का रिकॉर्ड
नामांकन या रद्दीकरण अगली समिति बैठक में रखकर कार्यवृत्त में दर्ज किया जाता है और 7 दिनों में नामांकन रजिस्टर में प्रविष्टि की जाती है।
उपविधि क्र. 33: मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति को हस्तांतरण
सदस्य की मृत्यु पर संस्था शेयर व हित नामांकित व्यक्ति को हस्तांतरित करती है। नामांकित व्यक्ति मृत्यु से 6 महीनों में सदस्यता आवेदन करे। एक से अधिक हों तो संयुक्त आवेदन कर बताएँ कि कौन सदस्य बनेगा; अन्य सहयोगी सदस्य बनेंगे। क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond) देना होगा। टिप्पणी: नामांकन से मिली सदस्यता सभी कानूनी वारिस दर्ज होने तक 'ट्रस्ट' के रूप में है - स्वामित्व अधिकार नहीं, तृतीय पक्ष हित नहीं बनाया जा सकता।
उपविधि क्र. 34: नामांकन न हो तो वारिसों को हस्तांतरण
नामांकन न हो या नामांकित आगे न आए तो संस्था मृत्यु की जानकारी से 6 महीनों में नोटिस बोर्ड और 2 समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना देकर दावे/आपत्तियाँ आमंत्रित करती है (खर्च मृतक के हिस्से से)। जाँच के बाद समिति वारिस तय करती है, जो क्षतिपूर्ति बंधपत्र देता है। अनेक दावेदारों में सहमति न हो तो न्यायालय से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र माँगा जाता है। कोई दावेदार न हो तो हिस्सा संस्था का हो जाता है।
उपविधि क्र. 35: नामांकित व्यक्ति को मूल्य भुगतान
नामांकित व्यक्ति सदस्यता के बजाय भुगतान माँगे तो संस्था हित का अधिग्रहण कर नामांकन में लिखे अनुपात में, अनुपात न हो तो बराबर बाँटकर भुगतान करती है।
उपविधि क्र. 36: वारिस को मूल्य भुगतान
एक वारिस हो तो क्षतिपूर्ति बंधपत्र लेकर भुगतान; अनेक वारिस हों तो संयुक्त बंधपत्र लेकर बराबर हिस्सों में।
उपविधि क्र. 159: बीमा, आपदा प्रबंधन, बाल श्रम व विधवाओं की सुरक्षा
भवन का प्राकृतिक आपदा, आग, बाढ़, भूकंप, तृतीय पक्ष दायित्व के लिए बीमा अनिवार्य। समिति आपात योजना (जोखिम, एजेंसियाँ, आपात फोन नंबर) बनाकर आम सभा में चर्चा कर नोटिस बोर्ड पर लगाए। बाल श्रम अपराध है (1 वर्ष कैद/20,000 रुपये जुर्माना) - जागरूकता करें। मृत सदस्य का फ्लैट हस्तांतरित करने से पहले नामांकन, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या प्रोबेट वसीयत जाँचें ताकि विधवा के साथ अन्याय न हो।